svapnil ne bahut din baad ek kavitaa bhejii hai-
एक अजूबा हमने देखा
कुएं में लग गई आग
पानी पानी जर गओ,
मछरी खेलें फाग
नाव में नदिया डूबी जाए
एक अजूबा हमने देखा
कुँए में लग गई आग
पानी पानी जर गओ,
मछरी खेलें फाग
नांव में नदिया डूबी जाये
-स्वप्निल
svapnil ne bahut din baad ek kavitaa bhejii hai-
एक अजूबा हमने देखा
कुएं में लग गई आग
पानी पानी जर गओ,
मछरी खेलें फाग
नाव में नदिया डूबी जाए
एक अजूबा हमने देखा
कुँए में लग गई आग
पानी पानी जर गओ,
मछरी खेलें फाग
नांव में नदिया डूबी जाये
-स्वप्निल
1 comments:
नाव में नदिया डूबी जाए
एक अजूबा हमने देखा
कुँए में लग गई आग
पानी पानी जर गओ,
" wah, ye ajuba humne bhee pehle baar hee pdha..."
Regards
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