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रविवार, 16 अगस्त 2009

क्योंकि पेड़ है जीवन डोर

कुछ बच्चियों ने मिल कर एक ब्लॉग बनाया उन्हीं में से एक कविता यहाँ है। आप भी पढें और अपनी यादों के पिटारे से कवितायें भेजे इस ब्लॉग पर देने के लिए- पर

पेड़ों के कट जाने के बाद

बचेगी नहीं ये zindagii

पूछते हो क्यों

क्योंकि पेड़ है जीवन डोर

पेड़ कट जाने के बाद

हो जाएंगे हम बर्बाद

पूछते हो क्यों?

क्योंकि बचेगा ना कोई आहार

पेड़ कट जाने के बाद

जल जाएगी ये ज़मीन

पूछते हो क्यों?

क्योंकि छाया न होगी फिर कभी

पेड़ कट जाने के बाद

सूखा पड़ जाएगा हर कहीं

पूछते हो क्यों?

क्योंकि बारिश को बुलानेवाला न

होगा कोई ।

1 टिप्पणी:

समयचक्र : महेन्द्र मिश्र ने कहा…

पेड़ ही जीवन का आधार है . बहुत सुन्दर रचना