chhutpankikavitayein

www.hamarivani.com

रविवार, 25 अक्तूबर 2009

आज पिया की सालगिरह है

इस बार एक कविता पाकिस्तान से। इसे महनाज़ रहमान ने भेजा है। महनाज़ एक पत्रकार हैं, लेखक हैं, बहुत ही संवेदनशील इनसान हैं। कई एन जी ओ के लिए काम करती हैं। २३ साल से हमारी उनकी दोस्ती है। हमारी गुजारिश पर उन्होंने ये कविता भेजी है। आप सबसे भी अनुरोध है की अपनी यादों के पिटारे से एकाध कविता हमें भेजें। gonujha.jha@gmail.com पर।

पिया ने मेकअप कर डाला है,
बन ठन कर बाहेर आये हैं
सारी महफिल पर छाई है
अब किस बात की देर है मामा
चलें, चलकर केक तो काटें,
उछलें, कूदें, नाचे, गाएं
आहा, आहा, आहा,
आज पिया की सालगिरह है
सालगिरह में बडा मज़ा है.

2 टिप्‍पणियां:

परमजीत बाली ने कहा…

बढिया कविता है।बधाई।

Nirmla Kapila ने कहा…

बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति है जी बधाई। हमारी शुभकामनायें कहियेगा महनाज़ रहमान जी से