चिडिया चली चांद के देश
नन्हें नन्हें पंख संवारे
साथ ना कोई संगी साथी
चली अकेले बिना सहारे
ऊपर को वो उडती जाए
बडे मज़े से गाना गाए,
अपने नन्हे पंख हिलाती
ऊंचा उडना उसको भाए
चिडिया चली चांद के देश
नन्हें नन्हें पंख संवारे
साथ ना कोई संगी साथी
चली अकेले बिना सहारे
ऊपर को वो उडती जाए
बडे मज़े से गाना गाए,
अपने नन्हे पंख हिलाती
ऊंचा उडना उसको भाए
4 comments:
बहुत सुन्दर बालगीत है।बधाई।
GOOD ONE
REALLY GOOD FOR NURSERY KIDS
WANT TO TEACH THESE POEMS TO MY STUDENTS. WILL YOU PERMIT ME.
WE ARE HAVING THE PASSION TO MAKE THE STUDENTS DEDICATED TWOARDS : FAMILY, COUNTRY & SOCIETY.
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HPS SR. SEC. SCHOOL
SHERGARH (MANDI DABWALI) -125104
प्यारा बाल गीत!
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